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बिखरने लगे है संगत-पंगत के सूत्र : पटना में अरबिंद सिन्हा ने कुमार अनुपम को “संगत पंगत” ग्रुप से निष्काषित किया

कायस्थ खबर डेस्क I कई वर्षो से कायस्थ आन्दोलन और समाज की पहचान बना संगत-पंगत में सब कुछ सही नहीं दिख रहा है I संगत-पंगत के कई संस्थापक सदस्यों के निष्कासन की खबरों के बाद इसके आधार स्तभ और प्रमुख प्रचारक रहे कुमारअनुपम के निष्कासन की खबरों के बीच अब ये सवाल बड़ा हो गया है की क्या संगत पंगत अपनी उपयोगिता और उद्देश्य से भटक रहा है ? कायस्थ खबर को कुमार अनुपम द्वारा भेजे गए निष्कासन के बाद उनके और पटना संगत पंगत के अरबिंद सिन्हा के बीच हुए संदेशो के बाद ये बात साफ़ नजर आ रही है की इससे जुड़े लोगो में इसके संस्थापक आर के  सिन्हा के विचार और अभियान को समझने में कमी हो रही है , भक्तिभाव , विचारको पर हावी होता जा रहा है I कुमार अनुपम द्वारा भेजे गए सन्देश हम नीचे दे रहे है

[10:18, 3/7/2018] K Kumar Anupam: प्रिय अनुपम जी कल रात्रि में हमारे मामा श्री शम्भु शरण से आपकी लगभग 45 मिनट वार्ता हुई ! आपने अपनी उपलब्धियो से उन्हें अवगत कराया ! लेकिन मेरा मानना है कि वह किसी काम का नहीं, आप सदा जीवन अपने आप में सिमटे रहे यह जानते हुए भी मैं आपको निभा रहा था ! आपसे मुझे कोई शिकायत नहीं है लेकिन इधर कुछ दिनो से आप Critic की भूमिका में जरूरत से ज्याद नजर आ रहे थे और यही कारन हुआ कि मैं आपको जबाब देने लगा , मुझे जीवन में किसी की शिकायत करना कभी पसन्द ही नहीं हुआ खासकर अपना परिवार या महापरिवार लेकिन आप सिर्फ शिकायत ही करते नजर आ रहे थे ! आपने संगत पंगत को भी अलविदा कह दिया पिछ्ले कई महीनो से आप संगत पंगत में शिरकत भी नहीं कर रहे हैं ! लिखना तो बहुत चाह रहा हूं लेकिन लगता है ज्यादा लिखूं तो कहीं अधिक गलत नहीं हो जाये ! ग्रुप के प्रशासक के हैसियत से मेरा मानना है कि आपको ग्रुप से हटा दें इसी में भलाई है अतः भारी हृदय से आपको हटा रहा हूं ! व्यक्तिगत सम्बन्धों में कभी दरार नहीं आयेगी , जैसे आपके लिये था वैसे ही रहूंगा भगवान श्री चित्रगुप्त साक्षी रहेंगे *अलविदा [10:22, 3/7/2018] K Kumar Anupam: Abki baar sab log pure parivar k sath sangat pangat mein aayen [10:22, 3/7/2018] K Kumar Anupam: Sangat pangat mein [10:22, 3/7/2018] K Kumar Anupam: कहाँ आएं [10:22, 3/7/2018] K Kumar Anupam: Soochna Arbind Bhaiya bata denge [10:22, 3/7/2018] K Kumar Anupam: स्थान बताएं [10:22, 3/7/2018] K Kumar Anupam: संगत पंगत का concept यह नहीं ..जो अभी है मेरा लेख लोगों ने नहीं पढ़ा..RK सिन्हा जी को ठीक से भी नहीं सुना ...संगत पंगत का डेट व दिन तय एवं पूर्व निर्धारित होता है ..संगतपंगत एक मुर्गा खाऊ सभा नहीं ...बल्कि संकल्पित परंपरा या कार्यक्रस्म कार्यक्रम है .... यदि तय हुआ की हज़ारीबाग में महीने के दूसरे रविवार को संगत पंगत होगा तो हर महीने होगा ..यदि पटना में तय हुआ कि महीने के आखिरी शनिवार को होगा तो हर महीने होगा ..पहले पटना की टीम में एक संयोजक थे तो ऐसा होता रहा ..अब चार संयोजक हो गए हैं तो परंपरा का भट्टा बैठ गया शायद ... [10:22, 3/7/2018] K Kumar Anupam: यह कोई organisation नहीं है ...यह एक अभियान है ..जिसका कोई संविधान नहीं ..कोई अध्यक्ष उपाध्यक्ष नहीं ..कोई सचिव नहीं ..कोई मुख्यलय कोई address कोई office नहीं ...... सांगत मतलब. एक साथ किसी एक सार्थक उद्देश्य के लिए बैठना ..चर्चा करना ....और पंगत का मतलब है चर्चा के बाद एक लाइन.. पंगत में बैठ कर कुछ खाना .या चाय नाश्ता ही करना [10:22, 3/7/2018] K Kumar Anupam: संगत पढ़ें [10:25, 3/7/2018] K Kumar Anupam: ऊपर मैंने जो लिखा था उसे अरबिंद जी criticism मानते हैं ......यही वजह बानी निष्काशन की ........ कुमार अनुपम

 

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